World Day for International Justice

हर साल 17 जुलाई को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस मनाया जाता है। इस दिन का मकसद है दुनिया में इंसाफ को बढ़ावा देना और उन गंभीर अपराधों के खिलाफ आवाज उठाना, जिनसे पूरी मानवता पर असर पड़ता है। इस दिन हमें याद दिलाया जाता है कि अगर कहीं भी अत्याचार, हिंसा या बड़े अपराध होते हैं, तो उनके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी जरूरी है।

ताकि दुनिया में शांति बनी रहे और कानून का राज कायम हो। इंटरनेशनल जस्टिस डे हमें ये समझाता है कि जब किसी को बिना वजह तकलीफ दी जाती है या मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है, तो पूरी दुनिया को मिलकर उस अन्याय के खिलाफ खड़ा होना चाहिए।

ये दिन उन कोशिशों को सलाम करता है, जो न्याय और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए की जाती हैं।
इस मौके पर कई देशों में सेमिनार, वर्कशॉप और जागरुकता कार्यक्रम होते हैं, ताकि लोग ये समझें कि इंसाफ सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि एक मजबूत सिस्टम है जो हर किसी की सुरक्षा करता है।

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस का इतिहास

अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस की शुरूआत साल 1998 में हुई थी और इसके पीछे एक बड़ी वजह है। 17 जुलाई 1998 को Rome Statute यानी रोम संविधि को अपनाया गया था। इसी के बाद International Criminal Court (ICC) की स्थापना हुई। ICC दुनिया का पहला ऐसा स्थायी अंतरराष्ट्रीय कोर्ट है, जो बहुत गंभीर अपराधों जैसे नरसंहार, मानवता के खिलाफ अपराध, युद्ध अपराध और आक्रामकता के अपराध करने वालों पर केस चलाता है।

ऐसे मामले में ICC तभी दखल देता है जब किसी देश की अदालतें खुद इन मामलों पर कार्रवाई करने में नाकाम या अनिच्छुक होती हैं। इसका मकसद यही है कि बड़े अपराध करने वाले लोग बच न पाएं और दुनिया में इंसाफ बना रहे।

Rome Statute को अपनाना उस समय एक बहुत बड़ा कदम माना गया, क्योंकि इससे ये साफ हो गया कि गंभीर अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जब रोम संविधि के 10 साल पूरे हुए, तब से हर साल 17 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्याय दिवस के रूप में मनाया जाने लगा, जिसे अब हम अंतरराष्ट्रीय न्याय दिवस या World Day for International Justice कहते हैं।

World Day for International Justice का महत्व

इस दिन का मकसद लोगों को उनके कामों के लिए जिम्मेदार ठहराने की जरूरत को समझाना है, खासतौर पर उन लोगों को जो नरसंहार, युद्ध अपराध, मानवता के खिलाफ अपराध या फिर अंतरराष्ट्रीय कानून के बड़े उल्लंघनों में शामिल होते हैं। ये दिन हमें याद दिलाता है कि कैसे इंटरनेशनल लेवल पर काम करने वाले सिस्टम, जैसे कि ICC (International Criminal Court), दुनिया में शांति बनाए रखने और ऐसे अपराध करने वालों को सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

साथ ही, ये दिन उन पीड़ितों और बचे हुए लोगों के हक की बात करता है, जो इन अपराधों का सामना करते हैं। इनके लिए न्याय मिलना, मुआवजा मिलना और समाज में उन्हें स्वीकार करना बहुत जरूरी है।

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